सिवनी। एक भक्ति ऐसी भी 240 घंटे बाद लिया जल। तपती धूप और चिलचिलाती गर्मी में दशलक्षण महापर्व के पूरे दस दिन तक जल की एक बूंद भी मुख में न जाने देना कठिन तप की समीचीन परिभाषा को ही चरितार्थ करता है।
दशलक्षण महापर्व के इन दिनों में लगातार दस दिन तक अन्न, जल सहित चारों प्रकार के आहार का त्याग करके हमारे अश्विन जैन (विक्की भैया) ने संत शिरोमणि आचार्य गुरुवर श्री 108 विद्यासागर जी महाराज की धनौरा में विराजमान परम शिष्या आर्यिका श्री 105 तपोमति माता जी के सानिध्य में रहकर दशलक्षण महापर्व के निर्जल दस उपवास संपन्न किए हम आपके पुण्य की बहुत-बहुत अनुमोदना करते है।

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