सिवनी जिला गौरव मुनिराज के जिले मे प्रथमबार आगमन से उत्साह का माहौल, 13 वर्षो से दीर्घ प्रतीक्षारत थे जिलावासी
सिवनी। परम पूज्य ज्येष्ठ संत शिरोमणि समाधिस्थ गुरुवर आचार्य श्री विद्यासागर जी महामुनिराज के परम प्रभावक सुशिष्य व परम पूज्य नवपट्टाचार्य श्री समय सागर जी महामुनिराज के आज्ञानुवर्ती परम पूज्य सिवनी जिला गौरव परम पूज्य मुनि श्री नीरज सागर जी महामुनिराज व परम पूज्य मुनि श्री निर्मद सागर जी महामुनिराज का भव्य शोभायात्रा के साथ प्रथमबार भव्य नगर प्रवेश गगनचुंबी शिखरो से युक्त जिनालय व इतिहासिक रजत जिनेन्द्र अश्व रथ जैसी अनमोल धरोहर के लिए विश्व प्रसिद्ध मध्य प्रदेश की धर्म नगरी श्री पारसनाथ दिगम्बर जैन अतिशयक्षेत्र जिला सिवनी नगर मे हुआ।
जिला गौरव मुनि श्री नीरज सागर जी महामुनिराज के मुनि दीक्षा उपरांत हुये प्रथमबार भव्य आगमन लेकर शहर के मुख्य मार्गो की आकर्षक सजावट की गई तथा लगभग तीन किलोमीटर की विशाल आकर्षक शोभायात्रा निकाली गई। तत्पश्चात श्री दिगम्बर जैन पंचायत कमेंटी के वर्तमान अध्यक्ष श्री पवन जी दिवाकर व समस्त पदाधिकारी व सदस्यगण द्वारा मुनि संघ के श्री चरणो मे नगर मे गीष्मकालीन वाचना करने हेतु श्री फल अर्पित किया गया।
शोभायात्रा का मार्ग – लुघरवाड़ा गुरुकुल जैन मंदिर से प्रारंभ होकर ज्यारत नाका से जिला कांग्रेस कार्यालय से होकर जिला चिकित्सालय से कचहरी चौक गांधी भवन से बड़े मिशन काम्प्लेक्स से गणेश चौक से होकर नगर के मुख्य जिनालय श्री बड़े जैन मंदिर पहुंचकर भव्य जुलूस का धर्म सभा के रूप मे परिवर्तित हुआ।
शोभायात्रा मे आकर्षण :- (1) बेड बाजे(2) तोरण द्वार व बैनर व सुंदर रंगोली से मुख्य मार्ग की आकर्षक सजावट(3) हाथ मे पंचरंगा ध्वजा लिए घुड़सवार।
नीरज जैन से नीरज सागर जी तक की जीवनयात्रा – आपका जन्म सिवनी जिले के ही नगर श्री महावीर दिगम्बर जैन अतिशयक्षेत्र छपारा के प्रतिष्ठित सेठ परिवार श्री नरेंद्र जी जैन की श्री मती पुष्पा जी जैन के छोटे पुत्र तथा श्री गोलू जी जैन के छोटे भाई रूप हुआ था आपकी दादी द्वारा श्री मती विद्याबाई जी जैन( समाधिस्थ विद्या श्री जी) द्वारा आपका नाम नीरज रखा गया था आपकी बचपन से ही जिनेन्द्र देव प्रति आस्था बढ़ने लगी तथा आपकी रूची संसारिक कार्य मे नही लगी तथा आपने कदम वैराग्य पथ पर अग्रसर करते हुये ब्रम्हचर्य व्रत की साधना प्रारंभ की तथा वर्ष:- 2013 मे महाराष्ट्र के अतिशयक्षेत्र श्री रामटेक पहुंचकर वहां विराजमान परम पूज्य संत शिरोमणि आचार्य श्री विद्यासागर जी महामुनिराज से दिगम्बर मुनि दीक्षा धारण कर अपने जीवन को धन्य करके अपने जीवन को ही नही बल्की अपने जन्म नगर छपारा के साथ पूरे सिवनी जिले को गौरवान्वित कर दिया । दीक्षा उपरांत अपके जन्म से जुड़े सिवनी जिले मे आपके 13 वर्षो बाद प्रथमबार भव्य आगमन से जिले वासी मे बहुत अधिक उत्साह उमंग व्याप्त हुआ है ।
आपके माता- पिता श्री मान नरेंद्र जी श्री मती पुष्पा जी जैन व बड़े भाई- भाभी श्री मान गोलू जी व श्री मती आकांक्षा जी जैन का परिवार वर्तमान मे छपारा के ही निवासी है तथा आपके चाचा चाची श्रीमान नीलेंद्र जी जैन श्रीमती प्रतिभा जी जैन व चचेरे भाई प्रियांस जैन जी परिवार सिवनी मे ही निवासी है आपके सानिध्य मे विगत दिवस आपके जन्म नगर छपारा मे भव्य पंचकल्याणक गजरथ महोत्सव के साथ प्रथमबार सानंद संपन्न हुये थे उसके उपरांत आपका प्रथमबार आगमन जिला सिवनी नगर मे हुआ है।

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