चार वर्षों से वृक्षों की सेवा कर रहे पर्यावरण प्रेमियों की पहल बनी प्रेरणा, अब नई पीढ़ी भी जुड़ी
सिवनी। पर्यावरण संरक्षण की दिशा में किए गए छोटे-छोटे प्रयास भी समाज में बड़ा बदलाव ला सकते हैं। इसका जीवंत उदाहरण शहर के कुछ पर्यावरण प्रेमी नागरिक प्रस्तुत कर रहे हैं, जिन्होंने लगभग चार वर्ष पूर्व पौधरोपण कर हरियाली बढ़ाने का संकल्प लिया था। आज वही पौधे वृक्ष का रूप ले रहे हैं और उनकी देखरेख की जिम्मेदारी अब नई पीढ़ी भी बखूबी निभा रही है। दिलीप ठाकुर, पटवारी शिवकुमार डेहरिया, सुरेंद्र डोंगरे, अनूप उपाध्याय, अनिल भारद्वाज, नंदकिशोर दुबे, हर्ष दुबे एवं सत्येंद्र सनोडिया द्वारा वर्षों पूर्व रेलवे स्टेशन क्षेत्र सहित विभिन्न स्थानों पर पौधरोपण किया गया था।
इन पर्यावरण प्रेमियों ने केवल पौधे लगाकर अपना दायित्व पूरा नहीं माना, बल्कि उनकी नियमित सिंचाई, सुरक्षा और देखरेख भी की। एक समय लगभग एक माह तक विशेष अभियान चलाकर पौधों को जीवित रखने का प्रयास किया गया। इन लोगों ने अपने परिवार के बच्चों को भी प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण से जोड़ने का कार्य किया।
आदित्य दुबे, पूर्वा डेहरिया और रागिनी श्रीवास्तव सहित अन्य बच्चों को वृक्षों के महत्व, पर्यावरण संतुलन और प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी का पाठ पढ़ाया गया। यही कारण है कि आज बच्चे स्वयं आगे बढ़कर वृक्षों की सेवा में जुट गए हैं। वरिष्ठों की प्रेरणा से आदित्य दुबे एवं उनकी टीम प्रतिदिन सुबह और शाम रेलवे स्टेशन पहुंचकर पौधों और वृक्षों में पानी डाल रही है। बच्चे न केवल पौधों की देखभाल कर रहे हैं, बल्कि अपने साथियों को भी पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित कर रहे हैं। उनकी यह पहल समाज के लिए एक सकारात्मक और अनुकरणीय संदेश बनकर सामने आई है।
लोगों से अपील – पर्यावरण प्रेमियों ने नागरिकों से अपील की है कि वे वर्षा ऋतु में अधिक से अधिक पौधे लगाएं और केवल पौधरोपण तक सीमित न रहें, बल्कि उनकी देखरेख और संरक्षण की जिम्मेदारी भी निभाएं। साथ ही बच्चों को प्रकृति से जोड़ें, ताकि उनमें पर्यावरण के प्रति प्रेम और जिम्मेदारी की भावना विकसित हो सके। यदि समाज का प्रत्येक व्यक्ति एक पौधे को वृक्ष बनाने का संकल्प ले, तो आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ और हराभरा वातावरण मिल सकेगा।









ताजासमाचार ग्रुप से जुड़ने लिंक मांग सकते हैं। वाट्सएफ नम्बर 94 2462 9494 से । या न्यूज के नीचे जाए और दिए गए वाट्सएफ जवाइन निर्देश बॉक्स में दो बार क्लिक कर ग्रुप में ज्वाइन हो सकते हैं। संतोष दुबे, सिवनी।

