संतोष वर्मा के बयान पर सिवनी ब्राह्मण समाज का उग्र विरोध, आज दोपहर होंगे एकजुट

छपारा में भी आज गुरुवार शाम 4 बजे सौपेंगे ज्ञापन

ब्राह्मण की बेटी’ चाहने वाले IAS संतोष वर्मा के खिलाफ एकजुट ब्राह्मण, आज दोपहर सौपेंगे ज्ञापन

सिवनी। मध्य प्रदेश में वरिष्ठ आईएएएस अधिकारी संतोष वर्मा के विवादित बयान पर ब्राह्मण और सवर्ण संगठन उबल पड़े हैं, लेकिन आरक्षण, दलित, सवर्ण जैसे संवेदनशील मुद्दों पर नफा-नुकसान को भांपते हुए अधिकतर राजनीतिक दल चुप्पी साधे हुए हैं।

प. दिलीप तिवारी अध्यक्ष जिला ब्राह्मण समाज, सिवनी, मध्यप्रदेश ने बताया कि आईएएस अधिकारी संतोष वर्मा द्वारा ब्राह्मण समाज की बहू बेटियों के प्रति गई अभद्र और अमर्यादित टिप्पणी से ब्राह्मण समाज में आक्रोश व्याप्त है और ब्राह्मण समाज राज्यपाल के नाम पुलिस अधीक्षक को 27 नवंबर दिन गुरुवार को दोपहर 12 बजे पुलिस अधीक्षक कार्यालय सिवनी में उपस्थित होकर ज्ञापन सौपेंगे। वहीँ छपारा में भी ब्राह्मण समाज गुरुवार की शाम 4 बजे ज्ञापन सौपेंगे।

जब तक कोई ब्राह्मण अपनी बेटी मेरे बेटे को दान ना कर दे या उससे संबंध ना बना ले…; आरक्षण पर इस तरह की दलील देकर मध्य प्रदेश के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी संतोष वर्मा ने नए विवाद को जन्म दे दिया है। ब्राह्मण और सवर्ण संगठन उबल पड़े हैं, लेकिन आरक्षण, दलित, सवर्ण जैसे संवेदनशील मुद्दों पर नफा-नुकसान को भांपते हुए अधिकतर राजनीतिक दल चुप्पी साधे हुए हैं।  ब्राह्मणों ने अधिकारी के बयान की निंदा करते हुए उन पर कार्रवाई की मांग की है।

अनुसूजित जाति, जन जाति अधिकारी कर्मचारी संघ (अजाक्स) के प्रांतीय अध्यक्ष चुने जाने के बाद इसके पहले अधिवेशन के दौरान वरिष्ठ आईएएस अधिकारी संतोष वर्मा ने मंच से विवादित टिप्पणी की थी।

उन्होंने ‘एक परिवार में एक ही व्यक्ति को आरक्षण’ की सोच के विरोध में दलील देते हुए कह दिया कि यह तब तक मंजूर नहीं होगा जब तक कोई ब्राह्मण अपनी बेटी उनके बेटे को दान ना कर दे या उसका उससे संबंध ना बने। सोशल मीडिया पर संतोष वर्मा का यह बयान वायरल हो गया। सोशल मीडिया यूजर्स ने उनके बयान की तीखी आलोचना की। विवाद बढ़ते देख संतोष वर्मा ने पहले तो अपने विवाद बढ़ते देख संतोष वर्मा ने पहले तो अपने बयान के एक हिस्से को गलत तरीके प्रचारित करने का आरोप विरोधी खेमों पर लगाया और फिर लगे हाथ माफी भी मांगी।

किसी भी मुद्दे पर एक दूसरे को परास्त करने को आतुर रहने वाली भाजपा और कांग्रेस में इस मुद्दे पर कोई उत्तेजना नहीं दिखी। हालांकि, कुछ नेताओं ने वर्मा के बयान की आलोचना करते हुए कार्रवाई की मांग जरूर की। खास बात यहा है कि इस मुद्दे पर बयान देने वाले भाजपा और कांग्रेस के नेताओं के सुर मिलते दिखे।

ब्राह्मण समाज के अनेक लोगों ने आईएएस अधिकारी संतोष वर्मा के बयान की कड़ी आलोचना की और कहा कि इस तरह के मानसिक दिवालियेपन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा, ‘एक वरिष्ठ अधिकारी का इस प्रकार का जातिगत और स्त्री-विरोधी बयान न केवल घोर आपत्तिजनक है, बल्कि समाज को बांटने वाली मानसिकता का खुला प्रमाण भी है। मैं स्वयं एक ब्राह्मण हूं, और हमारी परंपरा ‘सम्मान’ सिखाती है, ‘अपमान’ नहीं। देश की बहन-बेटियों को ‘दान’ की वस्तु समझने वाली सोच घोर निंदनीय है। यह विचार न सिर्फ घटिया है, बल्कि हमारी सांस्कृतिक मर्यादा का भी अपमान है। सरकार ऐसे मानसिक दिवालियेपन को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी।’

ब्राह्मणों ने कहा, ‘शायद किसी ने संतोष वर्मा की बुद्धि को हर लिया है। यह समाजिक ताने बाने को तोड़ने का बयान है। उन्होंने ना सिर्फ ब्राह्मण बेटियों के बारे में टिप्पणी है, बल्कि हर जाति और धर्म के बहन बेटियों के बारे में है। समाज के लोग चाहें वे भाजपा के हों या कांग्रेस के हो या किसी भी अन्य राजनैतिक पार्टी, दलों से हो, जो परशुराम को मानने वाले लोग हैं उनसे आग्रह है कि हम सब मिलकर ज्ञापन देकर इनके निष्कासन की मांग करनी चाहिए।’

सिवनी ब्राह्मण समाज के लोगों को आवाज उठाने की अपील की।

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