भोपाल से बुलाए शूटर समेत तीन आरोपी गिरफ्तार
सिवनी। शहर के बुधवारी क्षेत्र में 11-12 जून की दरमियानी रात हुई। फायरिंग की घटना का कोतवाली पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस जांच में सामने आया कि यह घटना किसी पुरानी रंजिश का परिणाम नहीं, बल्कि करोडों रुपये की विवादित प्रॉपर्टी से जुड़े कथित षड़यंत्र का हिस्सा थी। पुलिस ने मामले में भोपाल से बुलाए गए शूटर सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक आरोपी अभी फरार है।
पुलिस के अनुसार फरियादी की जान लेने की नीयत से उसके घर पर गोली चलाई गई थी, लेकिन संयोगवश घटना के समय वह उस स्थान पर नहीं सो रहा था, जिससे उसकी जान बच गई।
रात ढाई बजे घर पर की गई थी फायरिंग – कोतवाली थाना क्षेत्र के सुनारी मोहल्ला निवासी शैलेन्द्र चौरसिया ने 12 जून को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 11-12 जून की रात करीब 2.30 बजे अज्ञात युवकों ने उनके घर पर गोली चलाई। सूचना मिलते ही पुलिस और अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जांच की। घटनास्थल से कारतूस का खाली खोखा बरामद हुआ, जबकि दुकान के शटर पर गोली लगने के स्पष्ट निशान मिले। जांच में पता चला कि गोली शटर को चीरते हुए घर के भीतर तक पहुंची थी। जिस स्थान पर गोली लगी, वहीं फरियादी प्रतिदिन सोया करता था। इससे पुलिस ने प्रारंभिक तौर पर इसे जानलेवा हमला माना।
तीन करोड़ की प्रॉपर्टी बनी साजिश की वजह – जांच के दौरान पुलिस को फरियादी की छिंदवाड़ा चौक स्थित एक विवादित प्रॉपर्टी के बारे में जानकारी मिली, जिसकी कीमत लगभग तीन करोड़ रुपये बताई जा रही है। इस संपत्ति को लेकर फरियादी और उसके परिजनों के बीच विवाद चल रहा है तथा मामला न्यायालय में विचाराधीन है। पुलिस के अनुसार फरियादी विवाद से परेशान होकर उक्त संपत्ति को किसी अन्य व्यक्ति को बेचने के लिए एग्रीमेंट कर चुका था। इसी दौरान आरोपी अमन चौहान और गौरव दीक्षित भी संपत्ति बिकने पर लाभ प्राप्त करना चाहते थे, लेकिन उनकी मंशा पूरी नहीं हो रही थी।
संदेह दूसरी दिशा में मोड़ने की बनाई गई योजना – पुलिस के मुताबिक प्रॉपर्टी विवाद के चलते फरियादी और कब्जाधारी पक्ष के बीच तनाव की जानकारी आरोपियों को थी। इसी का लाभ उठाने के लिए अमन चौहान और गौरव दीक्षित ने कथित रूप से एक योजना बनाई। पुलिस का दावा है कि आरोपियों ने सोचा कि यदि फरियादी पर जानलेवा हमला किया जाएगा तो सदेह सीधे प्रॉपर्टी विवाद में शामिल अन्य लोगों पर जाएगा। इससे आरोपियों को अपने हित साधने और प्रॉपर्टी से जुड़े मामलों में फायदा मिल सकता था।
भोपाल से बुलाए दो शूटर – पुलिस जांच में सामने आया कि गौरव दीक्षित और अमन चौहान ने भोपाल से दो युवकों निखिल वाथम और गोलू अहिरवार को बुलाया। इनमें निखिल वाथम को फायरिंग करने की जिम्मेदारी दी गई थी, जबकि गोलू अहिरवार उसे मोटरसाइकिल से घटनास्थल तक लेकर आया था। पुलिस के अनुसार निखिल ने देशी पिस्टल से उस स्थान को निशाना बनाकर गोली चलाई जहां फरियादी रोज सोता था। हालांकि घटना वाली रात फरियादी किसी कारणवश उस स्थान पर नहीं सोया था, जिससे वह बाल-बाल बच गया।
50 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की जांच से मिला सुराग – घटना के बाद कोतवाली पुलिस ने व्यापक स्तर पर जांच शुरू की। पुलिस टीम ने शहर और आसपास के क्षेत्रों में लगे लगभग 50 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। तकनीकी साक्ष्यों और अन्य जानकारियों के आधार पर सबसे पहले अमन चौहान की पहचान की गई। उसके बाद पूछताछ और जांच के आधार पर अन्य आरोपियों तक पहुंच बनाई गई। पुलिस ने क्रमशः अमन चौहान, निखिल वाथम और गोलू अहिरवार को गिरफ्तार कर लिया।
मुख्य साजिशकर्ता अब भी फरार – पुलिस के अनुसार मामले का मुख्य साजिशकर्ता गौरव दीक्षित घटना की जानकारी सामने आने के बाद से फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त टीवीएस राइडर मोटरसाइकिल क्रमांक एमपी-22-ज़ेडई-2195, एक देशी पिस्टल, एक जिंदा कारतूस और एक कीपैड मोबाइल फोन जब्त किया गया है। जब्त सामग्री को जांच में शामिल किया गया है।
भोपाल में भी दर्ज हैं आपराधिक मामले – पुलिस के अनुसार गिरफ्तार शूटर निखिल वाथम के खिलाफ भोपाल में मारपीट और आबकारी अधिनियम से जुड़े प्रकरण दर्ज हैं। वहीं गोलू अहिरवार के खिलाफ भी मारपीट के मामले दर्ज बताए गए हैं। पुलिस इन आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड की विस्तृत जानकारी जुटा रही है।
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