11 पुलिसकर्मियों पर डकैती का आरोप; कांस्टेबल का दावा, ‘मैं तो बस अपनी ड्यूटी निभा रहा था’
सिवनी। 3 करोड़ रुपये के हवाला मामले में सिवनी जिले के 11 में से 10 पुलिसकर्मियों को बुधवार को गिरफ्तार कर लिया गया है। सभी को न्यायालय पेश किया गया। उन पर डकैती, अपहरण और आपराधिक षडयंत्र जैसे गंभीर आरोप हैं। विशेष जाँच दल (एसआईटी) मामले की जाँच कर रहा है।
न्यायालय में खचाखच भीड़ के बीच में सभी आरोपियों को ले जाने के बाद कोर्ट से जब उन्हें 2 दिन के रिमांड व स्वास्थ्य परीक्षण के लिए जिला अस्पताल भेजा गया उस दौरान जब आरोपी कोर्ट से बाहर निकले तब न्यायालय परिसर में वकीलों और आमजनों की बड़ी संख्या में भीड़ मौजूद थी। कोर्ट परिसर पूरी तरह खचाखच भरा हुआ था। पुलिस के एक के बाद एक वाहनों में सभी को बैठाल कर सबसे पहले जिला अस्पताल स्वास्थ्य परीक्षण के लिए ले जाया गया। वहीं एसडीओपी पूजा पांडे की गोद में उनका बच्चा भी था।
शुक्रवारी चौक स्थित एसडीओपी कार्यालय में वर्किंग के समय भी कार्यालय में ताला लगा हुआ था। यहां एक भी कर्मचारी कार्यालय में उस वक्त मौजूद नहीं था। बाहर के गेट में भी ताला लगा हुआ था। वही लखनवाड़ा थाने मैं भी थाना प्रभारी सुबह से ही थाने से निकलकर इसी हवाला कांड के लिखा पढ़ी में बाहर ही मौजूद थे।
जिला अस्पताल की पुलिस चौकी में हुआ स्वास्थ्य परीक्षण – जिला अस्पताल स्थित पुलिस चौकी में ब्लड प्रेशर नापने की मशीन को एक नर्स लेकर पहुंची और वही महिला डॉक्टर भी मौजूद थी। जहां उन्होंने स्वास्थ्य परीक्षण किया।
छिंदवाड़ा रेंज के डीआईजी राकेश कुमार सिंह ने पुष्टि की है कि गिरफ्तार किए गए पुलिसकर्मियों में निलंबित एसडीओपी पूजा पांडे, एसआई अर्पित भैरम, हेड कांस्टेबल माखन इनवती, कांस्टेबल योगेंद्र चौरसिया, नीरज राजपूत, जगदीश यादव, गनमैन केदार बघेल और एसडीओपी कार्यालय का ड्राइवर रितेश शामिल हैं। 3 करोड़ रुपये के हवाला मामले में सिवनी जिले के 11 में से 10 पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। उन पर डकैती, अपहरण और आपराधिक षडयंत्र जैसे गंभीर आरोप हैं। विशेष जाँच दल (एसआईटी) मामले की जाँच कर रहा है।
छिंदवाड़ा रेंज के डीआईजी राकेश कुमार सिंह ने पुष्टि की है कि गिरफ्तार किए गए पुलिसकर्मियों में निलंबित एसडीओपी पूजा पांडे, एसआई अर्पित भैरम, हेड कांस्टेबल माखन इनवती, कांस्टेबल योगेंद्र चौरसिया, नीरज राजपूत, जगदीश यादव, गनमैन केदार बघेल, एसडीओपी कार्यालय चालक रितेश वर्मा, रीडर हेड कांस्टेबल रवींद्र उइके और सुभाष सदाफल शामिल हैं। हेड कांस्टेबल राजेश जंघेला की तलाश जारी है।
प्रारंभिक जाँच और अपराध विवरण – जबलपुर रेंज के आईजी प्रमोद कुमार वर्मा के निर्देशों के बाद, एएसपी आयुष गुप्ता ने निलंबित अधिकारियों के संदिग्ध व्यवहार पर एक प्रारंभिक रिपोर्ट तैयार की। सभी संबंधित अधिकारियों के बयान दर्ज किए गए हैं।
इस बीच, जबलपुर क्राइम ब्रांच की टीम हवाला के पैसे की बरामदगी की जाँच कर रही है, यह पता लगा रही है कि यह पैसा किसका था और कहाँ से आया। एसआईटी के सदस्यों में क्राइम ब्रांच के एएसपी जितेंद्र सिंह, तीन अन्य कर्मचारी और लखनवाड़ा थाना प्रभारी चंद्रकिशोर सिरामे शामिल हैं।
पुलिस अधिकारियों का बचाव – कुछ कांस्टेबलों ने दावा किया कि वे केवल वरिष्ठ अधिकारियों के आदेश पर ही ड्यूटी कर रहे थे। एक कांस्टेबल ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि “हमें रात में एक संदिग्ध वाहन की जाँच के लिए बुलाया गया था। एसडीओपी ने हमें पुलिस अधिकारियों के साथ एक निर्धारित स्थान पर खड़े होने का निर्देश दिया था। हमें नहीं पता था कि आगे क्या होगा।

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