वैज्ञानिक दृष्टिकोण रखना हर नागरिक का कर्तव्य
सिवनी। राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ़ एक्सीलेंस में वैज्ञानिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। भारतीय ज्ञान परंपरा प्रकोष्ठ द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने विज्ञान के मॉडल बनाए, प्रश्नमंच प्रतियोगिता में हिस्सा लिया और विद्वान वक्ताओं के व्याख्यान के माध्यम से विज्ञान के महत्व को समझा ।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता के रूप में सेवानिवृत्त प्राध्यापक डॉ. एमसी सनोडिया और एडवोकेट मंगला शेन्डे ने माँ सरस्वती के छायाचित्र पर पुष्प अर्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
अपने संबोधन में डॉ. एमसी सनोडिया ने कहा कि भारत की अपनी सुदृढ़ ज्ञान परंपरा रही है, जिसमें विज्ञान का महत्व रहा है. भारतवर्ष को विश्व गुरु कहा जाता था. कहा कि 2047 तक हम पुनः ज्ञान विज्ञान के क्षेत्र में सबसे आगे रहेंगे.
बतौर मुख्य वक्ता एडवोकेट मंगला शेन्डे ने बताया कि मशहूर वैज्ञानिक डॉ. सीवी रमन के ‘रमन प्रभाव की खोज’ की स्मृति में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस मनाया जाता है।
एडवोकेट शेन्डे ने बड़े ही सरल शब्दों में ‘रमन प्रभाव’ को समझाते हुए विद्यार्थियों को विज्ञान के प्रति रुचि जगाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्राचार्य डॉ रविशंकर नाग ने कहा कि विज्ञान एक वरदान है, लेकिन इसका दुरुपयोग होने पर यह अभिशाप भी बन सकता है। उन्होंने बताया कि भारतीय ज्ञान परंपरा में विज्ञान हमेशा उपस्थित रहा है।
कार्यक्रम का संचालन करते हुए प्रोफेसर सत्येन्द्र शेन्डे ने कहा कि धर्म, विज्ञान, साहित्य यानि ज्ञान और संस्कृति समाज और राष्ट्र के नियामक तत्व हैं. कहा कि वैज्ञानिक चेतना जागृत रखना और वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाना भारत के प्रत्येक नागरिक का मूल कर्तव्य है।
बीएससी द्वितीय वर्ष की छात्रा देवांशी पटले ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि महिलाओं का भी विज्ञान की प्रगति में विशेष सहयोग रहा है . कुछ कारणों से महिलाओं को विज्ञान के क्षेत्र में आगे बढ़ने से रोका गया. लेकिन आज देश को अपनी महिला वैज्ञानिकों पर गर्व है.
विज्ञान प्रदर्शनी और विज्ञान प्रश्नमंच का हुआ आयोजन – राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर युवा विद्यार्थियों के मॉडल की प्रदर्शनी भी लगाई गई. डॉ. एमसी सनोडिया और एडवोकेट मंगला शेन्डे ने छात्र छात्राओं द्वारा बनाए गए मॉडलों की सराहना की। उन्होंने छात्र छात्राओं को भविष्य में ऐसे और मॉडल बनाकर विज्ञान के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। विज्ञान से जुड़े कई आकर्षक प्रोजेक्ट और मॉडल प्रदर्शित किए, जिन्हें देखकर सभी प्रभावित हुए।
प्रश्न मंच प्रतियोगिता में देवांशी पटले प्रथम, झींगु डहेरिया द्वितीय और नेहा परमार तीसरे स्थान पर रहे।
विज्ञान प्रदर्शनी में समीक्षा गौतम एवं साथियों के ‘तप्त खल यंत्री मॉडल’ को प्रथम स्थान प्राप्त हुआ. रक्त परिसंचरण तंत्र के मॉडल को दूसरा स्थान हासिल हुआ. छात्र मुस्कान चौहान के ‘इलेक्ट्रॉनिक स्पेक्ट्रा मॉडल’ को तीसरा स्थान मिला।
सभी प्रतिभागी विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की रूपरेखा भारतीय ज्ञान परंपरा प्रकोष्ठ के सहसंयोजक डॉ. जैन कुमार पंचेश्वर ने प्रस्तुत की, जबकि कार्यक्रम का संचालन प्रोफेसर सत्येन्द्र शेन्डे ने किया। अभिषेक पटेल और सतीश रजक का विशेष सहयोग रहा.
कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ प्राध्यापक प्रतिभा गुप्ता, प्रो. रचना राय, डॉ जे नावकर, लाइब्रेरियन सीएल अहिरवार, डॉ मनोज टेंभरे, डॉ. रामकुमार नायक , डॉ संदीप शुक्ला, डॉ. टीपी सागर, डॉ बसंत राव वासनिक, उमाशंकर वर्मा सहित काॅलेज स्टाफ उपस्थित रहे।



ताजासमाचार ग्रुप से जुड़ने लिंक मांग सकते हैं। वाट्सएफ नम्बर 94 2462 9494 से । या न्यूज के नीचे जाए और दिए गए वाट्सएफ जवाइन निर्देश बॉक्स में दो बार क्लिक कर ग्रुप में ज्वाइन हो सकते हैं। संतोष दुबे, सिवनी।

