जैन मुनि की नृशंस हत्या, किए 9 टुकड़े, सिवनी जैन समाज सौपेगा ज्ञापन

भारतीय संस्कृति के आधार कहे जाने वाले धर्म गुरू एवं साधु गण भी भारत जैसी भूमि पर अब असुरक्षित क्यों ….? : मुनि शाश्वतसागर

20वी शताब्दी के प्रथम आचार्य श्री शांतिसागर महाराज से अनवरत प्रवर्तित दिगंबर जैन श्रमण परम्परा के 100 वर्षो से भी अधिक काल के इतिहास में शायद ही ऐसा घृणित अपराध धरती के देवता कहे जाने वाले तपस्वी मुनीराजो के साथ किसी दुष्ट प्रकृति के जीव ने किया हो उक्त उद्गार व्यक्त करते हुए आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के सुशिष्य मुनि श्री शाश्वत सागर जी महाराज ने विगत घटी जैन मुनि की नृशंस हत्या की घटना विशेष को धिक्कारते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति का आधार कहे जाने वाले धर्म गुरू एवं संत मुनि गण जिनकी साधना एवं तपशचर्या से समग्र भारत राष्ट्र को सारे विश्व में विश्व गुरू कहलाने का गौरव प्राप्त होता रहा है।आज वे ही धरती के देवता भारत की भूमि में सुरक्षित नही है।


सिवनी जैन समाज घटना के विरोध में सोपेगा ज्ञापन

पूज्य मुनि श्री शाश्वत सागर जी महाराज की प्रेरणा से उक्त हत्याकांड के विरोध में जैन समाज जिला कलेक्टर के माध्यम से राष्ट्रपति ,प्रधान मंत्री, गृहमंत्री, मुख्यमंत्री आदि को प्रेषित ज्ञापन आगामी दिनों मे सौपेगा।

देख तेरे संसार की हालत क्या हो गई भगवान ….

बेलगांव जिला स्थित चिक्कोड़ी तालुका के ग्राम हिरेकोड़ी कर्नाटक में जैन तीर्थ नंदी पर्वतगिरी धाम में विराजमान श्री दिगम्बर जैन आचार्य श्री 108 काम कुमार नन्दी जी महामुनिराज की 5 जून की रात्रि में क्रूरता एवं बर्बरता पूर्वक जघन्य हत्या कर दी गयी। जिससे भारतवर्ष की समस्त जैन जैनेतर समाज में भारी रोष व्याप्त हो गया । उल्लेखनीय है कि वर्ष 1967 में बेलगांव जिला कर्नाटक में पूज्य मुनि श्री का जन्म हुआ था। 35 वर्ष पूर्व 22 फरवरी 1989 मे सम्मेद शिखर सिद्ध क्षेत्र मे गणधर आचार्य। श्री कुंथुसागर महाराज से आपने मुनि दीक्षा ग्रहण की थी। अनेक जैन साहित्यों का सृजन करने वाले पूज्य आचार्य श्री काम कुमार नंदी दिल्ली,मुंबई,देहरादून, बड़ौत,मुज्जफरनगर, आदि अनेक महानगरों में वर्षायोग। प्रवास कर चुके थे। विगत 15 वर्षो से वे कर्नाटक में ही परोपकार एवं आत्म कल्याण हेतु साधनारत थे।प्राप्त समाचार के अनुसार उक्त तीर्थ क्षेत्र के विश्वास पात्र कर्मचारी हसन दलायध उनसे घर में होने वाले विवाह संबंधी आवश्यकताओं की पूर्ति हेतु आर्थिक सहायता मांगने आया। आचार्य श्री ने परोपकार करते हुए उसे 6 लाख रुपए की आर्थिक सहायता ट्रस्टियों को निर्देशित कर क्षेत्र के फंड से शीघ्र वापसी के वचन के साथ उपलब्ध कराया गया अर्थ सहायता लेकर कई वर्ष बीतने के पश्चात भी जब राशि क्षेत्र को वापस नहीं हुई तो क्षेत्र के संचालको एवं आचार्य श्री ने हसन को क्षेत्र का पैसा लौटाने के लिए कहा गया। अधिक जोर देने पर
उस व्यक्ति ने आश्रम में रात्रि के समय सन्नाटा रहने का फायदा उठाकर 5 जुलाई 2023 की रात को वहाँ के माली नारायण बासप्पा को साथ मिलाकर आचार्य श्री को बिजली के करेंट से घोर यातनाएं देकर वीभत्स हत्या कर दी।
उन पिशाचों को इससे सन्तुष्टि नही हुई और वीभत्स्य कृत्य करके शरीर को 9 टुकड़ों में काट डाला तथा एक बोरी में भरकर पास के काफी गहरे बोरवेल में डाल दिया। उक्त नृशंस हत्या कांड का मोबाइल पर घृणित वीडियो एवं फोटोग्राफी हत्यारों द्वारा की गई। 6जुलाई 2023 को जब जैन श्रद्धालु आश्रम स्थित जैन मंदिर में वंदना के लिए पहुँचे। वहाँ जैन मुनिराज को न पाने से हड़कम्प मच गया। यह खबर आग की तरह चारों ओर फैल गयी।जैन श्रद्धालुओं के साथ तथाकथित हत्यारे भी मुनि महाराज को खोजने का नाटक करते रहे। चिक्कोड़ी पुलिस थाने में जैन मुनि के लापता होने सूचना दी गई।जब यह खबर कर्नाटक के वरूर नवग्रह तीर्थ मे विराजित दिगम्बर जैनआचार्य गुणधरनन्दी महाराज के पास पहुँची। उन्होंने ततपरता से केंद्र व प्रान्त के मंत्रियों एवं पुलिस अधिकारियों से वार्ता की।
पुलिस ने हरकत में आने के बाद सन्देहास्पद हसन एवं नारायण माली सहित दो व्यक्तियो से कड़ी पूछताछ की। पूछताछ के बाद जैन मुनि आचार्य कामकुमार नंदी की हत्या का पर्दाफाश हो गया। इतना ही नही आरोपियों की निशान देही पर काफी गहरे बोरवेल से शरीर के सभी नौ टुकड़े बरामद कर लिए।
कर्नाटक में समस्त जैन साधुओं को हमेशा के लिए प्रवास एवं पैदल विहार के दौरान पूर्ण सुरक्षा किये जाने की लिखित गारेंटी दिए जाने तक दिगम्बर जैन आचार्य गुणधर नन्दी महामुनिराज ने अन्न-जल का त्याग कर आमरण अनशन शुरू कर दिया है।
उन्होंने राज्य सरकार से मांग की है कि जिनायतनो को सरकार की और से पूर्ण सुरक्षा एवं संरक्षण प्रदान किया जावे और इस प्रकार की नृशंस घटनाओं की पुनरावृति भविष्य में ना हो। सरकार लिखित रूप मैं उक्त प्रस्ताव को पारित कर देव शास्त्र एवं गुरू एवं जिनायतनो को उनके अनुरूप संरक्षण प्रदान करे। उक्त मांग के साथ पूज्य आचार्य श्री अनवरत आमरण अनशन पर बैठ गए हैं। रविवार को पूज्य आचार्य श्री की खंड खंड विभक्त पार्थिव देह का जैन विधि विधान से दाह संस्कार कर दिया गया है।

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