सिवनी। 24 एमपी बटालियन के कैंप कमांडेंट लेफ्टिनेंट कर्नल अमनप्रीत सिंह के नेतृत्व एवं निर्देशन में एनसीसी का वार्षिक प्रशिक्षण कैंप छिंदवाड़ा के कन्या शिक्षा परिसर में आयोजित किया जा रहा है। इस कैंप में छिंदवाड़ा, सिवनी एवं पांढुर्णा जिले के लगभग 600 कैडेट्स प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।
पीजी कॉलेज सिवनी से सीनियर अंडर ऑफिसर शिवानी कुमरे के नेतृत्व में 8 कैडेट्स का दल छिंदवाड़ा कैंप में सहभागिता कर रहा है। महाविद्यालय की एनसीसी इकाई के अधिकारी लेफ्टिनेंट पवन कुमार वासनिक भी विद्यार्थियों को प्रशिक्षण प्रदान करने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।
कैंप में कैडेट्स के लिए विभिन्न जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। विशेष रूप से एसडीईआरएफ द्वारा आपदा प्रबंधन एवं आपदा के समय एनसीसी कैडेट्स की भूमिका के संबंध में विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया। कैडेट्स को पानी में डूब रहे लोगों को बचाने के उपाय, देसी संसाधनों से बचाव उपकरण तैयार करना तथा आग बुझाने के विभिन्न तरीकों एवं उपकरणों का प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया।
वन संरक्षण विषय पर फारेस्ट ऑफिसर श्री परिहार द्वारा विद्यार्थियों को वनों एवं वन्य जीवन के महत्व के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि वन, वन्य जीव एवं वन संपदा मानव जीवन तथा पर्यावरण के लिए अमूल्य धरोहर हैं। वनों से हमें शुद्ध वायु, औषधियाँ, जल संरक्षण एवं प्राकृतिक संतुलन प्राप्त होता है। उन्होंने विद्यार्थियों से वृक्षारोपण एवं प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा हेतु सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।
सेना के प्रमुख प्रशिक्षणों में शामिल फायरिंग प्रशिक्षण में भी कैडेट्स ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सेना के जवानों ने कैडेट्स को फायरिंग की तकनीक, सुरक्षा नियमों एवं सटीक निशाना लगाने के महत्व की जानकारी दी। जवानों ने बताया कि फायरिंग का मूल सिद्धांत है — “एक गोली, एक दुश्मन”, अर्थात प्रत्येक निशाना पूरी एकाग्रता एवं सटीकता के साथ लगाया जाना चाहिए। इस प्रशिक्षण से कैडेट्स में अनुशासन, आत्मविश्वास एवं राष्ट्रसेवा की भावना का विकास हुआ।
कैंप में विशेष परिस्थितियों में टेंट लगाने का प्रशिक्षण भी दिया गया, जिससे कैडेट्स टीम भावना एवं सामूहिक कार्यशैली सीखते हैं। इसके अतिरिक्त बाधा प्रशिक्षण, फायर फाइटिंग, फील्ड क्राफ्ट, बैटल क्राफ्ट, फील्ड सिग्नल आदि साहसिक गतिविधियों का भी प्रशिक्षण सेना के जवानों द्वारा दिया जा रहा है।
लेफ्टिनेंट पवन कुमार वासनिक ने बताया कि कैंप की दिनचर्या अत्यंत अनुशासित होती है। कैडेट्स सुबह 5 बजे जागते हैं तथा दैनिक कार्यों से निवृत्त होकर सुबह 6 बजे पीटी के लिए मैदान में उपस्थित हो जाते हैं, जहां सेना के प्रशिक्षित जवानों द्वारा शारीरिक प्रशिक्षण दिया जाता है। योग विशेषज्ञों द्वारा योग प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाता है।
इसके पश्चात कैडेट्स नाश्ता कर एनसीसी वर्दी पहनकर ड्रिल प्रशिक्षण प्राप्त करते हैं। बाद में क्लासरूम में एनसीसी पाठ्यक्रम के अंतर्गत स्वास्थ्य एवं देखभाल, मैप रीडिंग, फील्ड सिग्नल, हथियार प्रशिक्षण, नेतृत्व क्षमता एवं व्यक्तित्व विकास जैसे विषयों की जानकारी दी जाती है।
प्रतिदिन विशेषज्ञों द्वारा हेल्थ एंड हाइजीन, वन संरक्षण, आपदा प्रबंधन, योग, अग्निवीर एवं सैन्य भर्ती जैसे विषयों पर विशेष व्याख्यान भी आयोजित किए जाते हैं, जिनमें विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
दोपहर भोजन के बाद शाम 4 बजे गेम पीरियड आयोजित होता है, जिसमें कैडेट्स खो-खो, कबड्डी, वॉलीबॉल सहित विभिन्न खेलों में भाग लेते हैं। शाम 6 बजे रोल कॉल परेड के माध्यम से सभी कैडेट्स की उपस्थिति सुनिश्चित की जाती है। इसके बाद रात्रि भोजन एवं विश्राम की व्यवस्था होती है।
इस प्रकार का प्रशिक्षण कैडेट्स में अनुशासन, समय प्रबंधन, आत्मनिर्भरता, नेतृत्व क्षमता एवं टीम भावना जैसे महत्वपूर्ण मानवीय गुणों का विकास करता है। कैंप के अंतिम दिवस लेफ्टिनेंट कर्नल अमनप्रीत सिंह द्वारा सभी कैडेट्स को प्रशिक्षण प्रमाण-पत्र वितरित किए गए तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दी। केम्प में उत्कृष्ट केडेट्स को कमांडेंट द्वारा सम्मानित किया गया। जिसमें पी जी कॉलेज सिवनी के प्राची ताराम व शिवानी कुमरे को सम्मानित किया गया।


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