सिवनी। नगर टैगोर वार्ड सिवनी स्थित श्री पवनपुत्र व्यायामशाला परिसर में पूज्य द्वारका शारदापीठाधीश्वर जगतगुरु शंकराचार्य सदानंद सरस्वती जी महाराज का आगमन हुआ जहाँ उन्होंने धर्मसभा को संबोधित किया जिसको सुन उपस्थित श्रद्धालुगणों ने धर्मलाभ प्राप्त किया।
सर्वप्रथम शंकराचार्य सदानंद सरस्वती जी महाराज द्वारा काली चौक स्थित माता काली जी के मंदिर में पूजा अर्चना कर धर्मसभा स्थल की ओर प्रस्थान किया गया। जहाँ रास्ते भर समस्त सनातनधर्मियों द्वारा पुष्पों की वर्षा कर पुष्प मालाओं एवं आरती थाल सजा कर, फटाखे फोड़ हर्षित मन से अगवानी की गई. कार्यक्रम स्थल पर महाराजश्री द्वारा धर्मसभा को संबोधित करते हुए कहा गया कि हमें प्रतिदिन रात्रि में चिंतन करना चाहिए आज मुझसे कौन-कौन से अच्छे काम हुए हैं और कहां-कहां मैंने गलती कर दी कहां-कहां अपराध किया है जो काम मुझे नहीं करना चाहिए था वह आज मुझसे हो गया है. जो गलती हो गई है वह गलती दूसरे दिन ना हो ऐसी प्रार्थना करना चाहिए।
पशु क्या करता है दूसरे का भोजन छीन करके स्वयं ले लेता है मनुष्य का धर्म क्या है दूसरे को भोजन कर के फिर भोजन करता है यही मनुष्य का काम यही मनुष्य का धर्म का पालन हैं. अभी हम नहीं करेंगे तो सुखी नहीं हो सकते आपके पास कितना भी संपत्ति हो जाए कितना भी वैभव हो जाए लेकिन यदि आप धर्म का पालन नहीं करते हैं तो आपको सुख और शांति प्राप्त नहीं हो सकती इसलिए हे मनुष्य यदि तुम्हें सुख चाहिए, आनंद चाहिए, शांति चाहिए तो धर्म का पालन करना चाहिए।
उन्होंने आगे कहा कि अब यह दूसरा प्रश्न आएगा कि धर्म किसे कहते हैं इसके लिए हमारे धर्म के बहुत प्रकार है. बहुत प्रकार से धर्म का पालन किया जा सकता है, सरल उपाय क्या है- सरल उपाय है सत्संग करना. दूसरा उपाय है माता-पिता जी धर्म का पालन करते थे दादा-दादी, नाना-नानी जी धर्म का पालन करते थे वही हमें करना चाहिए. यही सनातन धर्म है, यही हिंदू धर्म हम सब सनातन धमालंबियों का है।
सनातन धर्म में हर प्राणीमात्र में परमात्मा का दर्शन हम करते हैं, सभी के ऊपर दया करना चाहिए, अपराधी को क्षमा करना है, सत्य वचन बोलना है, वाणी से किसी का अपमान नहीं करना ह,ै क्रोध नहीं करना है ऐसे सब 10 धर्म के लक्षण है. हमें धर्म का पालन करना चाहिए सबसे सरल उपाय यह है कि जहाँ सत्संग हो रहा है, कथा हो रही है, जहां मंदिर है, भगवान है, महात्मा लोग आते हैं वहाँ जाकर के कुछ देर उनका उनके वचनों का श्रवण करना चाहिए।
शंकराचार्य जी ने कहा कि हमारे जगतगुरु शंकराचार्य जी महाराज ने सिवनी जिले में अवतार लेकर चारों तरफ धर्म स्थान बना दिए गणेशगंज में वाला भवानी है दिघोरी में गुरुरत्नेश्वर महादेव है, मातृधाम में माता जी बैठी हुई है, सीलादेही में द्वारकाधीश भगवान विराजमान होने वाले हैं. चारों तरफ धर्मस्थल का निर्माण करके वह गए हैं हमें प्रेरणा लेना चाहिए और सन्मार्ग पर चलने का प्रयास करना चाहिए। आप सभी व्यायामशाला वालों को, उपस्थित सभी को द्वारकाधीश भगवान का आशीर्वाद, खूब आगे बढ़ेंे, अपने शरीर से अच्छे-अच्छे काम करें यही हमारी मंगल कामना है।
धर्मसभा के उपरांत शंकराचार्य जी द्वारा नव स्थापित शिव परिवार एवं हनुमान लला की पूजा अर्चना की गई तथा समिति के कार्यों को सराहते हुए उपस्थित जनों को आशीर्वाद प्रदान किया गया।
इस अवसर पर नगरपालिका अध्यक्ष ज्ञानचंद सनोड़िया, पूर्व भाजपा अध्यक्ष आलोक दुबे, अशोक तेकाम, अभिषेक मालू, प्रेम तिवारी, भाजपा जिला महामंत्री अजय डागोरिया, पूर्व नपा उपाध्यक्ष नानू पंजवानी, शिव सनोड़िया, गजानंद पंचेश्वर, प्रदीप राय, पप्पू सोनी डॉ. पारस पटेरिया, सत्यम सूर्यवंशी, राजकुमार भारद्वाज, नितिन मिश्रा, दीपू मिश्रा, संजू मिश्रा, रामकृष्ण साहू, गामूलाल अहिरवार, मुन्ना यादव, जय श्रीवास्तव, मोहन विश्वकर्मा, बसंत विश्वकर्मा, सत्यांश कटोरिया, अरविंद करोसिया, नवल मेहरोलिया, शेखर कर्वैती, सचिन डागोरिया, संजय डागोरिया, विजय डागोरिया, विशाल यादव, करण करोसिया, शुभम बघेल, रघुराज सिंह ठाकुर, खुशेन्द्र पवार, विक्रांत दुबे, विक्की सनोड़िया एवं एवं पार्षदगण, मातृशक्तियाँ एवं श्री पवनपुत्र व्यायामशाला समिति के सभी पदाधिकारी, टैगोर वार्डवासीगण उपस्थित रहे।
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